February 15, 2026
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दिनांक 21 जुलाई 2025

श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, काशीपुर में BBA, BCA & B.Com (Hons) के नवप्रवेशी छात्रों के लिए ओरिएंटेशन/इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसे बी0एड0 के छात्रों ने प्रस्तुत किया। इसके पश्चात संस्थान की छात्राओं द्वारा एक मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।

संस्थान के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार जी ने अपने स्वागत भाषण में श्रीराम संस्थान की शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान एक टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड, स्किल-ओरिएंटेड और स्टूडेंट-फोकस्ड शिक्षा मंच है। स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, मॉडर्न कंप्यूटर लैब, ट्रेनिंग सेल और इंडस्ट्री से जुड़ी गतिविधियाँ छात्रों को भविष्य के लिए संवारने का कार्य करती हैं।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री देवेंद्र कुमार अग्रवाल, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, काशी विश्वनाथ स्टीलस लिमिटेड, काशीपुर ने विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि, “आज की शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, यह एक निरंतर सीखने की यात्रा है। विद्यार्थियों को अपने कौशल को व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार ढालना होगा और सीखने की प्रवृत्ति को हमेशा बनाए रखना होगा।” उन्होंने छात्रों को औद्योगिक व्यवहार्यता, कार्य नैतिकता, और आत्म-निर्भरता की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. आशीष जुनेजा, डिजिटल इकनॉमिक्स कोच एवं सहायक प्राध्यापक (SIMT) ने आज की पीढ़ी को AI Gen, Gen & Alpha और ग्लोबल अवसरों के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा- “अब सफलता का माप केवल नौकरी नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और टेक्नोलॉजी की समझ है। छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टूल्स और वैश्विक परिदृश्य की समझ के साथ खुद को तैयार करना होगा।”

संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) योग राज सिंह ने शैक्षणिक दृष्टिकोण, अनुशासन और श्रीराम संस्थान की गौरवपूर्ण उपलब्धियों की चर्चा करते हुए छात्रों को संस्थान के मिशन, दृष्टिकोण और मूल्यों से परिचित कराया। उनकी बातों ने छात्रों में नवाचार, अनुसंधान, और नेतृत्व की भावना को जागृत किया।

प्राचार्य डॉ. एस. एस. कुशवाहा ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद करते हुए छात्रों से आह्वान किया कि वे इस संस्थान को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और जीवन निर्माण का माध्यम मानें।

अंत में, चाय-नाश्ते के साथ अभिभावकों, फैकल्टी और छात्रों के मध्य एक अनौपचारिक संवाद सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री सुनीता रावत, सहायक प्राध्यापक, प्रबंधन विभाग द्वारा किया गया।

यह कार्यक्रम श्रीराम संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है- “जहाँ शिक्षा केवल जानकारी नहीं, एक दृष्टिकोण है।” यह संस्थान उत्तराखंड ही नहीं, भारत के प्रगतिशील शैक्षणिक संस्थानों की अग्रणी कतार में अपना स्थान बना चुका है।

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