February 15, 2026
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काशीपुर। माँ बाल सुन्दरी परिणय सेवा संस्था गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 01 नवम्बर (देवउठान एकादशी) के दिन चैती मेला परिसर में 31 जरूरतमंद गरीब परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह करवायेगी। जिसकी तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। प्रेसवार्ता के दौरान माँ बाल सुन्दरी परिणय सेवा संस्था के अध्यक्ष एवं मुख्य आयोजक आनन्द कुमार एडवोकेट ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल सुन्दरी संस्था वर्ष 22 नवम्बर 2015 से लगातार चैती मेला परिसर में गरीब परिवारों की कन्याओं के सामूहिक विवाह का आयोजन कर रही है। सिर्फ कोरोना काल को छोड़कर अब तक बाल सुन्दरी संस्था करीब 150 गरीब परिवारों की कन्याओं का विवाह करवा चुकी है। गत 23 नवम्बर 2023 को भी संस्था ने 21 कन्याओं का विवाह धूमधाम से कराया था। यह संस्था का आठवां सामूहिक विवाह का आयोजन है।
बाल सुन्दरी संस्था के अध्यक्ष आनन्द कुमार एडवोकेट एवं महासचिव सुरेश शर्मा ने बताया कि इस बार बाल सुन्दरी संस्था ने 31 गरीब परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने का निर्णय लिया है। संस्था के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य आयोजक आनन्द कुमार ने बताया कि काशीपुर में जसपुर खुर्द स्थित बांसियोंवाला मंदिर समिति की ओर से वर्ष 2007 में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। तत्कालीन समिति के अध्यक्ष सुधीर चन्द्र आढ़ती की देखरेख में वर्ष 2010 तक हर वर्ष 11 गरीब कन्याओं का विवाह कराया जाता रहा था। इन सभी आयोजनों में बाल सुन्दरी संस्था के संस्थापक अध्यक्ष स्व. बाबूराम जी का भी हमेशा सहयोग रहता था। समिति के अध्यक्ष सुधीर चन्द्र जी के निधन के बाद समिति ने यह आयोजन बंद कर दिया था। संस्था के अध्यक्ष आनन्द कुमार एडवोकेट ने बताया कि वहीं की प्रेरणा से उनके पिता वरिष्ठ समाजसेवी स्व. बाबूराम जी ने सर्वप्रथम चैती मेला परिसर में 22 नवम्बर 2015 को 21 गरीब परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह कराकर इस शुभ कार्य की शुरूआत की थी। इस बार संस्था का यह आठवां आयोजन है। संस्था अब तक 150 गरीब परिवारों की कन्याओं का विवाह करवा चुकी है। संस्था के महासचिव एवं मीडिया प्रमुख सुरेश शर्मा ने बताया कि कई महीनों की तैयारियों के बाद ही यह पुनीत कार्य सम्पन्न हो पाता है, यह एक बड़ा कार्य होता है। संस्था द्वारा सामूहिक विवाह में आये आवेदन में संलग्न पेपरों की जांच पड़ताल के लिए अलग-अलग स्थानों पर संस्था की टीमों को भेजकर एवं लोगों से सम्पर्क कर विवाह के योग्य पात्र लोगों को छांटा जाता है। संस्था के कोषाध्यक्ष एवं धार्मिक कार्यक्रम प्रमुख पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि सामूहिक विवाह में फेरे सनातन धर्म के अनुसार विधि-विधान से करवाये जायेंगे। विवाह के उपरांत वर-वधू पक्ष को विवाह प्रमाण पत्र भी विवाह समारोह के बाद दिये जायेंगे।

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