February 15, 2026
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मास्टर इंटरनेशनल स्कूल, काशीपुर में विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के उद्देश्य से एक विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर में प्रातःकाल का वातावरण पूर्णतः योगमय बन गया जब बच्चों ने एक साथ “ॐ” की मधुर ध्वनि के साथ अपने दिन की शुरुआत की।
इस प्रशिक्षण का संचालन प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार द्वारा किया गया, जिन्होंने बच्चों को योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम एवं ध्यान तकनीकों का अभ्यास कराया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग एवं समस्त शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों के साथ योग सत्र में भाग लेकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम के आरंभ में डॉ. मनोज कुमार ने विद्यार्थियों को योग का अर्थ और महत्व समझाते हुए कहा कि –

“योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का मार्ग है। अगर हम प्रतिदिन कुछ समय योग को दें, तो शरीर स्वस्थ रहेगा, मन शांत रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि योग भारतीय संस्कृति का अमूल्य उपहार है, जिसे अब पूरी दुनिया अपना चुकी है। आज के डिजिटल युग में बच्चों के जीवन में शारीरिक सक्रियता कम होती जा रही है, ऐसे में योग उन्हें मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और स्वास्थ्य प्रदान करता है।
योग सत्र में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।
कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, ध्यान मुद्रा आदि आसनों का अभ्यास किया।
छोटे बच्चों ने बड़े ही अनुशासन और एकाग्रता के साथ प्रशिक्षक की हर गतिविधि का अनुकरण किया।
विद्यालय में सैकड़ों विद्यार्थी जब एक साथ योगाभ्यास करते दिखाई दिए, तो पूरा परिसर एक आध्यात्मिक और ऊर्जावान वातावरण में बदल गया।
इस योग प्रशिक्षण में विद्यालय की शिक्षिकाओं और स्टाफ ने भी पूरे समर्पण के साथ भाग लिया।
प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा –

“योग केवल एक दिन का अभ्यास नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। योग से न केवल हमारा शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन भी बढ़ता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालें।”
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
विद्यालय सदैव विद्यार्थियों में जीवन मूल्यों, स्वास्थ्य जागरूकता और अनुशासन की भावना जगाने के लिए ऐसे आयोजन करता रहेगा।
योग प्रशिक्षक डॉ. मनोज कुमार ने बच्चों को योग के मूल सिद्धांतों से परिचित कराया। उन्होंने सरल और रोचक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे योग दैनिक जीवन में तनाव को कम करता है और मन को शांत करता है।
उन्होंने बच्चों को सही श्वास लेने की विधि, ध्यान केंद्रित करने के अभ्यास, तथा बैठने, उठने और चलने की सही मुद्रा के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।
बच्चों ने “अनुलोम-विलोम”, “भ्रामरी प्राणायाम” और “कपालभाति” जैसे प्राणायामों का अभ्यास किया और उनके लाभों के बारे में सीखा।
प्रशिक्षक ने बताया कि योग करने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और एकाग्रता में सुधार होता है।
योग सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल शारीरिक क्रियाएँ सीखीं बल्कि अनुशासन, संतुलन, एकाग्रता और आत्म-नियंत्रण के गुण भी सीखे।
प्रशिक्षक ने बच्चों को समझाया कि कैसे योग का अभ्यास परीक्षा के समय मानसिक तनाव को कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह और आत्मविश्वास झलक रहा था।
अभ्यास के बाद बच्चों ने जब ध्यान लगाया तो वातावरण में एक अद्भुत शांति छा गई।
शिक्षिकाओं ने बताया कि इस सत्र के बाद बच्चों में एकाग्रता और आत्म-नियंत्रण में सुधार देखा जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधन समिति ने इस आयोजन की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में सहायक हैं।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग ने प्रशिक्षक डॉ. मनोज कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
“आपने हमारे विद्यार्थियों को योग का जो अमूल्य ज्ञान दिया है, वह जीवनभर उनके साथ रहेगा। इस सत्र ने बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की भावना को और सशक्त किया है।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग करने का संकल्प दिलाया और कहा कि विद्यालय में आगे भी ऐसे सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थी स्वस्थ और प्रसन्नचित्त रहें।
पूरे दिन विद्यालय का वातावरण शांत, अनुशासित और ऊर्जावान बना रहा।
छात्र-छात्राओं ने अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने का वचन दिया।
विद्यालय परिसर में योग सत्र की मधुर झंकार देर तक गूंजती रही।
मास्टर इंटरनेशनल स्कूल, काशीपुर में आयोजित यह योग प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालय के शैक्षणिक एवं नैतिक उद्देश्यों की दिशा में एक सराहनीय कदम रहा।
ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की भावना भी सुदृढ़ होती है।
यह प्रशिक्षण सत्र बच्चों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर गया।
विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि योग को नियमित अभ्यास के रूप में अपनाकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगा। यह योग शिविर विद्यालय में सप्ताह में एक दिन लगाया जायेगा।

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