February 19, 2026


काशीपुर। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा मास्टर इंटरनेशनल स्कूल एक बार फिर अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। विद्यालय परिसर में हाल ही में अबेकस ड्रिल का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की गणनात्मक क्षमता, एकाग्रता, स्मरण शक्ति एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और अभ्यास मिले तो छोटी उम्र में भी बच्चे असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम में मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा बच्चों के उत्साह को बढ़ाने के लिए रंग-बिरंगे पोस्टर और गणितीय सूत्रों से संबंधित चार्ट लगाए गए थे। अबेकस की शिक्षिका आकांशा अग्रवाल ने विद्यार्थियों को अबेकस के महत्व और इसके इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह प्राचीन गणना पद्धति आज भी मानसिक गणित को सशक्त बनाने में अत्यंत उपयोगी है।
विद्यालय की प्रबंधिका श्रीमती शिल्पी गर्ग का मानना है कि आज के डिजिटल युग में जहाँ बच्चे कैलकुलेटर और मोबाइल पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, वहीं अबेकस जैसी पारंपरिक पद्धति उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य बच्चों की त्वरित गणना क्षमता विकसित करना, ध्यान केंद्रित रखने की आदत डालना तथा आत्मविश्वास को बढ़ाना था।
कक्षा 1 और 2 के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने मंच पर आकर सरल जोड़ और घटाव की गणनाएँ कुछ ही सेकंड में कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। वहीं कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों ने गुणा और भाग जैसी जटिल गणनाएँ भी बिना किसी लिखित सहायता के मानसिक रूप से हल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। सभी उपस्थित अभिभावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
बच्चों का आत्मविश्वास और प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एक साथ समन्वित ढंग से अबेकस की मणियों को संचालित करते हुए गणना की। उनकी एकाग्रता और अनुशासन देखने योग्य था। कई बच्चों ने आंखें बंद कर मानसिक गणना कर परिणाम सुनाया, जिससे स्पष्ट हुआ कि नियमित अभ्यास से उनकी स्मरण शक्ति और ध्यान क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कक्षा 5 के कुछ विद्यार्थियों ने मंच पर लाइव प्रतियोगिता के रूप में तेज गति से प्रश्न हल कर दिखाए। इस दौरान शिक्षिका द्वारा तेजी से प्रश्न पूछे गए और बच्चों ने तुरंत उत्तर देकर अपनी दक्षता सिद्ध की। इस अद्भुत प्रदर्शन ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग जी ने बताया कि अबेकस प्रशिक्षण केवल गणित तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के संपूर्ण मानसिक विकास में सहायक है। इससे बच्चों की सुनने और समझने की क्षमता भी बेहतर होती है। नियमित अभ्यास से उनमें धैर्य, अनुशासन और समय प्रबंधन जैसे गुण विकसित होते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अबेकस सीखने वाले बच्चे अन्य विषयों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं क्योंकि उनकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति मजबूत हो जाती है। इस ड्रिल के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना भी उत्पन्न है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। उन्होंने अपने बच्चों का मंच पर प्रदर्शन देखकर गर्व महसूस किया। कई अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें नई दिशा देती हैं।
अभिभावकों का मानना है कि अबेकस जैसी गतिविधियाँ बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में ही मजबूत आधार प्रदान करती हैं, जिससे आगे चलकर वे गणित और अन्य विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास झलक रहा था।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। अबेकस ड्रिल के माध्यम से न केवल उनकी गणनात्मक क्षमता बढ़ी, बल्कि उनके व्यक्तित्व में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला।

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