




काशीपुर । मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में अभिभावकों और बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक विशेष पेरेंटिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की सही परवरिश, उनके मानसिक विकास, भावनात्मक संतुलन तथा उन्हें खुशहाल और सफल जीवन देने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में 100 से अधिक अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों को ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में अभिभावकों के स्वागत के साथ हुई। इस अवसर पर नोएडा से आई विशेषज्ञ टीम ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में बच्चों की परवरिश केवल उनकी पढ़ाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, व्यवहार और भावनात्मक मजबूती पर भी ध्यान देना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कई बार अभिभावक अनजाने में बच्चों पर अत्यधिक दबाव बना देते हैं, जिससे बच्चे तनावग्रस्त हो जाते हैं। इसलिए बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करना और उनकी समस्याओं को समझना बहुत जरूरी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों को खुशहाल रखने के लिए सबसे पहले उन्हें समय देना आवश्यक है। आज की व्यस्त जीवनशैली में अधिकतर माता-पिता अपने कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण बच्चों के साथ संवाद कम हो जाता है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे प्रतिदिन कुछ समय बच्चों के साथ बिताएं, उनकी बातें सुनें और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने माता-पिता से हर बात साझा करने में सहज महसूस करते हैं।
वर्कशॉप के दौरान डिजिटल युग में बच्चों की परवरिश से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अभिभावकों को बच्चों की स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखने और उन्हें खेलकूद, पुस्तक पढ़ने तथा रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने की सलाह दी गई।
इसके अलावा बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। टीम ने बताया कि बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने घर के वातावरण में देखते हैं। यदि परिवार में सकारात्मक माहौल होगा तो बच्चों के व्यक्तित्व पर उसका अच्छा प्रभाव पड़ेगा। अभिभावकों को बच्चों के सामने सकारात्मक भाषा का प्रयोग करने, अनुशासन बनाए रखने और उन्हें सही-गलत का अंतर समझाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने भी अपनी समस्याएं और सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे। कई अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने, गुस्से को नियंत्रित करने और आत्मविश्वास विकसित करने से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। इस इंटरैक्टिव सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक रोचक बना दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती दीपिका अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मास्टर इंटरनेशनल स्कूल हमेशा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करता रहा है। विद्यालय केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं बल्कि बच्चों के नैतिक, मानसिक और सामाजिक विकास को भी समान महत्व देता है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों के बेहतर समन्वय से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य तैयार किया जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधक डॉ. गौरव गर्ग जी ने नोएडा से आई टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं अभिभावकों को नई सोच और बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की और इसे बेहद उपयोगी बताया।
यह पेरेंटिंग वर्कशॉप अभिभावकों के लिए एक सीखने वाला मंच साबित हुई, जहां उन्हें बच्चों की बेहतर परवरिश और उन्हें खुशहाल जीवन देने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए। विद्यालय द्वारा आयोजित यह पहल निश्चित रूप से बच्चों और अभिभावकों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

जुगनू खान
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