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काशीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के अंतर्गत बासमती धान निर्यात विकास प्रतिष्ठान (एपीडा), वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ग्राम दोहरी परसा स्थित गुरुद्वारे के प्रांगण में कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बासमती धान की उन्नत खेती, बेहतर उत्पादन तकनीकों एवं निर्यात संभावनाओं के संबंध में जागरूक करना था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के 50 से अधिक किसानों ने प्रतिभाग कर विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार तोमर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय बासमती धान की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक मांग है। यदि किसान वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर खेती करें तो उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता में भी सुधार संभव है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने किसानों को बासमती धान की उन्नत किस्मों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जल संरक्षण तकनीकों एवं फसल सुरक्षा उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डॉ. तोमर ने विशेष रूप से बासमती धान में कीटनाशकों के सीमित एवं संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अत्यधिक कीटनाशक उपयोग से निर्यात में दिक्कतें उत्पन्न होती हैं। उन्होंने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने की सलाह दी, ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन किया जा सके। साथ ही किसानों को यह भी बताया गया कि निर्यात योग्य बासमती धान तैयार करने के लिए खेत से लेकर भंडारण तक सभी प्रक्रियाओं में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस अवसर पर प्रगतिशील कृषक उत्पादक संगठन सहकारी समिति के अध्यक्ष बलकार सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बासमती धान की खेती को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बासमती धान किसानों के लिए लाभकारी फसल साबित हो सकती है और इसके निर्यात को बढ़ावा देकर क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और समूह आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के श्री रमेश कुमार पाल एवं श्री मनीष बाजपाई ने भी किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं, तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने का आह्वान किया। इस दौरान किसान नरेंद्र सिंह, चंद्रजीत सिंह, प्रीतम सिंह, प्रशांत सिंह, डालचंद, दर्शन सिंह, नरेंद्र सिंह उप्पल, मुख्तार सिंह, रोहित, अजय सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने विशेषज्ञों से सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।

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