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काशीपुर, 1 जुलाई। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (SIMT), काशीपुर के 23वें स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान परिसर में ‘सर्वजन कल्याण एवं राष्ट्र की समृद्धि’ के लिए पारंपरिक “संकल्प यज्ञ” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान परिवार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार ने संस्थान की स्थापना यात्रा को याद करते हुए बताया कि क्षेत्र में व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए 23 सितम्बर 2003 को सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी की स्थापना की गई। इसके बाद 1 जुलाई 2004 को श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का शुभारंभ तत्कालीन कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. सी. पंत एवं क्षेत्र के सांसद के. सी. सिंह बाबा के करकमलों द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले 23 वर्षों में संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और कौशल विकास को अपनी पहचान बनाया है। संस्थान के हजारों पूर्व छात्र आज देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों, उद्योगों और विभिन्न संगठनों में प्रबंधन, तकनीकी, शिक्षा एवं अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। श्री रविन्द्र कुमार ने कहा कि श्रीराम संस्थान केवल डिग्री प्रदान करने वाला शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण का केंद्र है। संस्थान समय-समय पर वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान तथा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करता रहा है।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) योगराज सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शिक्षण तथा उद्योगोन्मुखी शिक्षा को अपनाते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, समर्पण और सकारात्मक सोच के माध्यम से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करें। इस अवसर पर संस्थान की कोषाध्यक्ष श्रीमती कमलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री अभिनव अग्रवाल, सचिव श्री अर्पित अग्रवाल, निदेशक प्रो. (डॉ.) योगराज सिंह, प्राचार्य डॉ. एस. एस. कुशवाहा, समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं संस्थान परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

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