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बाजपुर। अल्पसंख्यक केंद्र पोषित छात्रवृत्ति योजनाओं में वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के दौरान कथित अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदिनी तोमर ने बाजपुर कोतवाली में सात शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों एवं संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराई है।
मामला राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर संदिग्ध पाए गए छात्रवृत्ति आवेदनों से जुड़ा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के विश्लेषण में वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के दौरान कई शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितताएं और संदिग्ध प्रविष्टियां पाई गई थीं। इसके बाद उत्तराखंड शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर ने संबंधित उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समितियों का गठन किया था।
विकासखंड स्तर पर हुई जांच में विभिन्न स्कूलों एवं मदरसों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई, जिसके बाद शासन स्तर पर आयोजित बैठक में दोषी पाए गए संस्थानों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदिनी तोमर ने बाजपुर कोतवाली में तहरीर देकर सात शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 420 के तहत प्राथमिकी पंजीकृत कराई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इन पर दर्ज हुई प्राथिमकी
1-सरस्वती पूर्व माध्यमिक विद्यालय किच्छा
2-नेशनल एकेडमी जूनियर हाई स्कूल काशीपुर
3-मदरसा अल-जामियतुल मदारिया (यूपीएस) 4-केलाखेड़ा बाजपुर
जामिया अलविया मदर-उल-उलूम (यूपीएस) गूलरभोज रोड गदरपुर
5-मदरसा अलविया रफीक-उल-उलूम धनसारा बाजपुर
6-मदरसा जमिया हनिया रजाउल उलूम चकरपुर रोड बाजपुर
7-सरस्वती विद्या मंदिर हाईस्कूल किच्छा
एनएसपी विश्लेषण से खुला मामला
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर भारत सरकार द्वारा किए गए डिजिटल विश्लेषण में वर्ष 2021-22 और 2022-23 की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाओं के कई आवेदन संदिग्ध पाए गए थे।इसके बाद उत्तराखंड शासन ने जिलावार जांच के निर्देश दिए। ऊधमसिंह नगर में जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित संयुक्त जांच समितियों ने विकासखंडवार जांच की। जांच में सात संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई। शासन स्तर से मिले निर्देशों के अनुपालन में अब संबंधित संस्थानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।

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