
काशीपुर। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर ई-रिक्शाओं का बेतरतीब संचालन लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। आड़े-तिरछे ई-रिक्शा खड़े करने और जहां से जगह मिलती है, वहीं से वाहन निकालने की कोशिश के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। क्षेत्रवासी और व्यापारी कई बार प्रशासन से ई-रिक्शाओं के संचालन को व्यवस्थित करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कुछ दिनों की सख्ती के बाद व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है। नगर निगम क्षेत्र के मुख्य बाजार, रतन सिनेमा रोड, नई सब्जी मंडी, तहसील रोड, कटोराताल रोड, बाजपुर रोड, रामनगर रोड और रेलवे स्टेशन रोड पर सुबह से लेकर देर शाम तक बड़ी संख्या में ई-रिक्शाओं का संचालन होता है। व्यस्त समय में इन मार्गों पर वाहनों और पैदल राहगीरों की संख्या बढ़ जाने से स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। इसके बावजूद कई ई-रिक्शा चालक निर्धारित स्थान के बजाय सड़क किनारे या दुकानों के सामने वाहन खड़ा कर सवारियों का इंतजार करते नजर आते हैं।
त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है समस्या
त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में पहले से ही यातायात का दबाव बढ़ जाता है। दुकानदारों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यदि मुख्य बाजार में ई-रिक्शाओं के प्रवेश और संचालन के लिए अलग व्यवस्था कर दी जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। व्यापारियों ने मांग की है कि त्योहारों और विशेष बाजार दिनों में मुख्य बाजार में ई-रिक्शाओं के प्रवेश पर रोक लगाने अथवा निर्धारित समय और रूट के अनुसार संचालन की व्यवस्था की जाए। साथ ही सवारी बैठाने और उतारने के लिए निश्चित स्थान बनाए जाएं, ताकि ई-रिक्शा चालक सड़क के बीच में वाहन खड़ा न करें।
दो माह पहले रूट निर्धारण की बात हुई थी
करीब दो माह पहले आरटीओ संदीप वर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि नगर निगम की मदद से काशीपुर नगर क्षेत्र में ई-रिक्शाओं के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए रंगों की पट्टी के आधार पर रूट निर्धारित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अलग-अलग मार्गों पर ई-रिक्शाओं की आवाजाही को नियंत्रित करना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना था। हालांकि, संबंधित अधिकारियों द्वारा उस समय दी गई जानकारी के बावजूद अभी तक यह व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। इससे ई-रिक्शा संचालन को लेकर व्यापारियों और आम लोगों की परेशानी बनी हुई है।
स्थायी व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि केवल अभियान चलाकर ई-रिक्शाओं को हटाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए रूट निर्धारण, निर्धारित स्टैंड, सवारी उतारने-बैठाने के स्थान और नो-पार्किंग क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से चिह्नित करना जरूरी है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की आवश्यकता है। व्यापारियों का कहना है कि यदि नगर निगम, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से योजना बनाकर उसका लगातार पालन कराएं तो बाजारों में लगने वाले जाम से काफी राहत मिल सकती है। अब देखना यह है कि अधिकारियों की ओर से प्रस्तावित रूट व्यवस्था कब तक लागू होती है और शहरवासियों को ई-रिक्शाओं की अव्यवस्थित आवाजाही से कब राहत मिलती है।

जुगनू खान
संपादक – जुगनू खबर
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