February 15, 2026

काशीपुर, उत्तराखंड – मास्टर इंटरनेशनल स्कूल, काशीपुर में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित आवेकस ड्रिल का आयोजन बड़े ही उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की तार्किक और मानसिक गणना क्षमताओं को बढ़ावा देना था। इस विशेष आयोजन में कुल 63 बच्चों ने भाग लिया, जहां उन्होंने अपनी बौद्धिक क्षमता और मानसिक गणना कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
इस ड्रिल के दौरान बच्चों ने बिना कागज, पेन, या पेंसिल का उपयोग किए कठिन गणितीय प्रश्नों को चंद सेकंड में हल करके उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को आश्चर्यचकित कर दिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के दिमाग की गणनात्मक क्षमता को तेज करना और उन्हें मानसिक रूप से अधिक सतर्क एवं सक्षम बनाना था।
आवेकस (Abacus) एक प्राचीन गणितीय तकनीक है, जिसका उपयोग बच्चों की गणितीय क्षमताओं को विकसित करने के लिए किया जाता है। इस तकनीक के माध्यम से बच्चे बिना किसी कागज और पेन के जटिल गणनाएँ करने में सक्षम हो जाते हैं। मास्टर इंटरनेशनल स्कूल ने इस विधि को अपनाकर अपने छात्रों को तार्किक और मानसिक गणना में कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इस ड्रिल के माध्यम से बच्चों को तेजी से जोड़ने, घटाने, गुणा और भाग करने की क्षमता को विकसित करने में मदद मिलती है। यह कार्यक्रम पूरे वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है, ताकि बच्चों को निरंतर अभ्यास और सुधार का अवसर मिल सके।
इस ड्रिल में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में रुद्रांक्षी, स्नेहिल, इशिका, माधव, रियांश, मनन, हिदाया, राधिका, अंविका, आयुषमान, कायरा, वैष्णवी, मन्नत, सुखमन, अमन, आन्वी, प्रनिका, अरमान, शिवांश अग्रवाल, भव्या, तनिष्का, संचित, दिव्यांशी, रियांश, देविका, सानवी, अदीना, आरुषि, उर्वीका, आन्या, लिज़ा, काव्या, शिवांश, वैभव, सिमरा, पर्व, हर्षित, मनी, मनप्रीत, आहिल, मनरीत, रिया, सिद्धार्थ, रुशान, पुष्कर, उजेर, प्रणात जैन, समरजीत सिंह, रूद्र प्रताप, ऋषि वर्धन, प्रयाग शैली, भूमिक कुमार, विधि, गुनिष्का, इशानी, आध्या सैनी, गोरांश उपाध्याय, शिव, वंश, रियांश खन्ना, ध्रुव सिंह पटवाल, अब्दुल मन्नान, मानवेन्द्र, रूद्र, आशी, रूद्र तिवारी, और दिव्यांश गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल थे।
इन सभी छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और साबित किया कि कैसे वे तेज गति से गणितीय सवाल हल कर सकते हैं। अभिभावकों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और बच्चों से सवाल पूछे, जिनका उन्होंने त्वरित और सही उत्तर दिया।
इस ड्रिल में बच्चों के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया था, ताकि वे स्वयं देख सकें कि उनके बच्चे मानसिक गणना में कितनी प्रगति कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को बच्चों से गणितीय सवाल पूछने का मौका दिया गया, जैसे –

23 + 15 = ?

47 – 19 = ?

6 × 7 = ?

81 ÷ 9 = ?
बच्चों ने चुटकियों में इन सवालों के सही उत्तर देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। अभिभावकों ने अपने बच्चों की इस अद्भुत प्रतिभा को देखकर गर्व महसूस किया और स्कूल प्रबंधन को इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया।
एक अभिभावक, ने कहा,
“हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चे बिना किसी सहायता के इतनी तेजी से गणितीय सवाल हल कर सकते हैं। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों की तार्किक क्षमता को बढ़ा रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि कर रहा है।”
वहीं, एक अन्य अभिभावक, ने कहा,
“आवेकस ड्रिल बच्चों के दिमागी विकास के लिए बहुत लाभकारी है। इससे उनके गणितीय कौशल तो बढ़ते ही हैं, साथ ही वे त्वरित निर्णय लेने में भी सक्षम बनते हैं। हम चाहते हैं कि इस तरह की गतिविधियाँ निरंतर जारी रहें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग ने इस कार्यक्रम की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा,
“हमारे विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित शिक्षा देना नहीं है, बल्कि बच्चों की बौद्धिक क्षमता को भी विकसित करना है। आवेकस ड्रिल जैसी गतिविधियाँ बच्चों के मानसिक विकास में सहायक होती हैं और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करती हैं।”
विद्यालय की प्रबंधिका श्री मती शिल्पी गर्ग का कहना है कि भविष्य में वे इस तरह की और भी गतिविधियाँ स्कूल आयोजित करेगा , जिससे बच्चों की तार्किक और गणनात्मक क्षमता को और अधिक बढ़ावा मिल सके। साथ ही, इस ड्रिल को और भी अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए-नए तरीकों को भी अपनाने की योजना है।
आवेकस ड्रिल न केवल गणितीय समस्याओं को हल करने में मदद करता है, बल्कि इसके कई अन्य लाभ भी हैं, जैसे –

  1. मानसिक गणना में सुधार – बच्चों की गणितीय गति और सटीकता में वृद्धि होती है।
  2. स्मरण शक्ति में वृद्धि – तेज गणना करने की क्षमता के कारण बच्चों की याददाश्त मजबूत होती है।
  3. ध्यान और एकाग्रता में सुधार – गणितीय गणनाएँ दिमाग को सक्रिय रखती हैं और एकाग्रता बढ़ाती हैं।
  4. आत्मविश्वास में वृद्धि – तेज़ गणना करने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
  5. तार्किक सोच का विकास – बच्चे केवल उत्तर नहीं देते, बल्कि वे गणना की प्रक्रिया को भी समझते हैं।
    विद्यालय में आयोजित आवेकस ड्रिल एक अत्यंत सफल आयोजन रहा, जिसमें न केवल बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि अभिभावकों को भी इस विधि की प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।
    इस ड्रिल ने यह साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और अभ्यास दिया जाए, तो छोटे बच्चे भी असाधारण गणितीय क्षमताएँ विकसित कर सकते हैं। यह पहल बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे उनके मानसिक विकास में भी सहायता मिलेगी।
    विद्यालय प्रबंधन ने इस प्रकार की गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस लाभकारी तकनीक से सीख सकें और अपने शैक्षिक जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।

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