February 15, 2026
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काशीपुर। एक बार फिर उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सर गर्मियां तेज हो चली हैं । हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव पर रोक लगा दी थी, जिस पर दोबारा हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव को हरी झंडी दे दी है। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधानो के चेहरों पर एक बार फिर मुस्कुराहट आ गई है। इसी क्रम में त्रिस्तरीय चुनाव में जिन लोगों ने चुनाव लड़ने की मन में ठानी थी वह पुनः चुनाव मैदान में सक्रिय हो गए हैं। बात करें बांसखेड़ा खुर्द की जो पिछड़ी अनारक्षित सीट है, यहां पर कई दावेदार अपनी दावेदारी ठोक चुके हैं, लेकिन यहां पर ग्राम प्रधान की प्रबल दावेदार बांसखेड़ा खुर्द से फरहा सिंह पत्नी नन्हे सिंह बोरा मजबूत मानी जा रही हैं। यहां बता दे की नन्हे सिंह बोरा की दूसरी पत्नी विमला देवी सन 2008 से 2013 तक बांसखेड़ा खुर्द की ग्राम प्रधान रह चुकी हैं और उनके कार्यकाल में विकास कार्यों का पिटारा सा खुल गया था। लेकिन उसके बाद बांसखेड़ा खुर्द की कमान कई अन्य प्रधानों ने संभाली लेकिन यहां पर फराह सिंह पत्नी नन्हे सिंह का कहना है की इस समय बांसखेड़ा खुर्द गांव में कूड़ा निस्तारण, बारात घर, पंचायत भवन, सड़कों की जर्जर हालत, चिकित्सा सुविधा, बालिका स्कूल की समस्या राशन कार्ड, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन का पूरी तरीके से अभाव है। अगर वह इस बार बासखेड़ा खुर्द की कमान संभालती है तो वह इन सारी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेंगी। बांसखेड़ा खुर्द की मूलभूत समस्या एक आम बात हो चली है। उन्होंने कहा कि अगर जनता का प्यार उनको मिलता है तो वह इन सारी समस्याओं का निस्तारण अवश्य कराएगी। प्रधान चुनाव में बासखेड़ा खुर्द से नन्हे सिंह बोरा की पत्नी फराह सिंह इस सीट पर सबसे मजबूत दावेदारों में से एक मानी जा रही हैं। इनका मानना है कि अगर ग्रामीणों ने उन्हें चुना तो वह गांव की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी और उसका निराकरण भी करेगी ऐसा उनका कहना है।

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