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काशीपुर। काशीपुर के वरदान हास्पिटल में प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गम्भीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में तथ्य सामने आया है कि यह अस्पताल पहले आशीर्वाद हास्पिटल के नाम से सीज किया गया था, लेकिन कुछ ही महीने बाद नाम बदलकर फिर से शुरू कर दिया गया। पहला बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर नए नाम से किसने अनुमति दी और किस आधार पर दी? दूसरा गंभीर सवाल यह कि अस्पताल को सिर्फ ओपीडी की अनुमति थी तो अस्पताल में नर्सिंग होम और आपरेशन कैसे होने लगे? इससे यह स्पष्ट हो गया है कि नियमों की अनदेखी और स्वास्थ्य विभाग की ढील के चलते लोगों की जान के साथ खिलवाड़ का धंधा बेखौफ जारी है। इस घटना ने यह सवाल और गहरा कर दिया है कि आखिर जब एक अस्पताल सील हो चुका था तो महज़ कागजी खेल करके उसे दोबारा नए नाम से कैसे खोल दिया गया? स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और विभाग को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।

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