काशीपुर कृषि उत्पादन मण्डी समिति में किसान क्लब काशीपुर कृषको की वैठक में प्रतिभाग किया। कृषको को धरती माता वचाओ अभियान की जानकारी देते हुए कृषक को रसायनिक उर्वरको के उपयोग की जानकारी देते हुए अवगत कराया कि फसलो में रसायनिक उर्वरको का प्रयोग मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई संस्तुत के आधार पर करने से फसलो से अधिकतम उत्पादन प्राप्त होगा और फसल उत्पादन लागत में भी कमी होने से कृषको को अधिक लाभ प्राप्त होगा। कृषको को हरी खाद एवं जैविक खाद प्रयोग करने की सलाह दी गई इसी के साथ ही जैव उर्वरक जैसे एजोटोवेक्टर, राइजोवियम, पी एस वी, पी एस एम आदि का प्रयोग करने से भी रसायनिक उर्वरको की कम आवश्यकता होगी। कृषक भाई प्राकृतिक खेती एवं जैविक कृषि को भी अपना कर रसायनिक उर्वरको पर निर्भरता कम कर सकते हैं। अन्य वैकल्पिक उर्वरक जैसे अमोनियम सल्फेट का प्रयोग कर सकते हैं। जनपद में वर्तमान में रसायनिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, इसलिए कृषक भाई केवल फसल में प्रयोग करने के लिए ही वर्तमान में क्रय करे, अपने घर पर खाद का भण्डारण ना करे। कृषक भाईयो को कृषि विभाग दारा संचालित योजनाओ जैसे, कृषि फसलो के बीजो पर अनुदान जैसे धान वीज पर 50% अधिकतम 2000/कुन्तल जवकि दलहन और तिलहन फसलो के वीज पर 50% अधिकतम रूपए 5000/कुन्तल , जैव उर्वरक/सूक्ष्म पोषक तत्व तथा कृषि रक्षा रसायन पर अनुदान मूल्य का पचास प्रतिशत अधिकतम रूपए पाॅच सौ प्रति है0, की जानकारी देते हुए अवगत कराया कि एक कृषक को अधिकतम दो है0 तक के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाऐगा । अनुदान के लिए कृषक अपने निकटतम कृषि निवेश केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। कृषक भाई वर्तमान कृषि फसल धान, गेंहू के स्थान पर अधिक मूल्य वाली फसलो जैसे सुगंधित एवं औषधीय पौधो की खेती अपनाकर अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सुगंधित एवं औषधीय पौधो की खेती करने के सम्बन्ध में सबसे खास बात यह हैं कि इन फसलो को जंगली जानवर एवं अवारा पशु भी नुकसान नहीं पंहुचाते हैं। आत्मा योजना के अंतर्गत कृषक को प्रशिक्षण एवं भ्रमण कराने के साथ-साथ कृषको में प्रतियोगितात्मक भाव विकसित करने के उद्देश्य से कृषि फसल उत्पादन, डेयरी उत्पादन , फल एवं सब्जी उत्पादन तथा मत्स्य पालन करने वाले कृषको को किसान श्री (विकास खण्ड स्तर रूपए दस हजार एवं प्रमाण-पत्र), किसान भूषण (जनपद स्तर रूपए पच्चीस हजार एवं प्रमाण-पत्र), एवं किसान रत्न(राज्य स्तर रूपए पचास हजार एवं प्रमाण-पत्र), पुरस्कार प्रदान किया जाता हैं कृषक अपने विकास खण्ड से आवेदन पत्र प्राप्त कर आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान में कृषक भाईयो से अनुरोध किया कि वह अपनी डिजिटल फार्मर आई डी (फार्मर रजिस्ट्री) तत्काल वनवा ले। भविष्य में भूमि आधारित रसायनिक उर्वरको के साथ-साथ अन्य सभी योजनाओ का लाभ डिजिटल फार्मर आई डी (फार्मर रजिस्ट्री) के आधार पर ही मिलेगा। डिजिटल फार्मर आई डी (फार्मर रजिस्ट्री) के लिए जनपद में कार्यरत ग्राम स्तर एवं विकास खण्ड स्तर के कर्मचारीगणो को आपरेटर वनाया गया हैं जो गाँव गाँव जाकरडिजिटल फार्मर आई डी (फार्मर रजिस्ट्री) का कार्य कर रहे हैं, इसके अतिरिक्त कृषक जन सेवा केंद्र ( सी एच सी) अथवा कृषक स्वयं भी पोर्टल पर जाकर डिजिटल फार्मर आई डी (फार्मर रजिस्ट्री) वना सकते हैं। डॉक्टर विकेश कुमार सिंह यादव मुख्य कृषि अधिकारी उधम सिंह नगर।

जुगनू खान
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