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काशीपुर। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा ने काशीपुर शहर की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस काशीपुर को कभी विकास, खेल, स्वास्थ्य और औद्योगिक प्रगति के लिए पूरे प्रदेश में एक अलग पहचान हासिल थी, आज वही शहर बदहाल व्यवस्थाओं, अधूरे विकास कार्यों और जनसुविधाओं की अनदेखी के कारण अपनी चमक खोता जा रहा है। उन्होंने कहा कि काशीपुर की वर्तमान तस्वीर देखकर हर उस व्यक्ति का मन व्यथित हो उठता है, जिसने इस शहर को अपने स्वर्णिम दौर में देखा है। अनुपम शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की दूरदर्शी सोच और विकासपरक नीतियों के चलते काशीपुर को अनेक महत्वपूर्ण सौगातें मिली थीं। उनके नेतृत्व में काशीपुर को स्वास्थ्य, खेल और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि उस दौर में शहर के विकास की जो मजबूत नींव रखी गई थी, वह आज उपेक्षा और अव्यवस्थाओं के कारण कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा ने कहा कि काशीपुर का स्पोर्ट्स स्टेडियम कभी शहर की शान हुआ करता था। यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, जिनमें प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से खिलाड़ी भाग लेने आते थे। बड़ी संख्या में खेल प्रेमी इन प्रतियोगिताओं का आनंद लेने पहुंचते थे। स्टेडियम आधुनिक खेल सुविधाओं से सुसज्जित था और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच देता था। लेकिन आज यह स्टेडियम अपनी उपेक्षा पर आंसू बहा रहा है। रखरखाव के अभाव में इसकी चमक फीकी पड़ गई है।उन्होंने रोडवेज बस अड्डे की बदहाल स्थिति पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिस बस अड्डे को आधुनिक स्वरूप देने की कल्पना की गई थी, आज वहां यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। यात्रियों को यह स्पष्ट नहीं होता कि उनकी बस कहां से मिलेगी यात्रियों को घंटों इंतजार के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है।अनुपम शर्मा ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि काशीपुर का राजकीय चिकित्सालय कभी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए जाना जाता था। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता रहती थी और मरीजों को समय पर उपचार मिलता था। उन्होंने रामनगर रोड पर वर्षों से अधूरे पड़े पुल निर्माण कार्य का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से निर्माणाधीन यह पुल आज भी अधूरा खड़ा है, जिससे आमजन को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। व्यापार, यातायात और दैनिक जीवन सभी प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग मौन हैं। अनुपम शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र कभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हुआ करते थे। कांग्रेस शासनकाल में औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा दिया गया, रोजगार के अवसर पैदा किए गए और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य हुए। उस समय बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता था और पलायन की स्थिति नहीं थी। लेकिन आज उद्योगों की कमी, नए निवेश का अभाव और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवा वर्ग बेरोजगारी और निराशा का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि काशीपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि संभावनाओं का केंद्र है। आवश्यकता इस बात की है कि शहर के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए विकास की नई रूपरेखा तैयार की जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शहर के मूलभूत ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, खेल संस्थानों को पुनर्जीवित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में गंभीरता से कार्य करना चाहिए। अंत में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा ने कहा कि “काशीपुर की जनता विकास चाहती है, सुविधाएं चाहती है और अपने शहर को फिर उसी पहचान के साथ देखना चाहती है, जिसके लिए कभी यह शहर पूरे प्रदेश में जाना जाता था। शहर की आवाज़ को सुनना होगा और काशीपुर को फिर से विकास की पटरी पर लाना होगा।”

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