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कोटाबाग। राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग, जनपद नैनीताल के परिसर में संचालित कृषि विज्ञान के नवनिर्मित भवन

कोटाबाग। राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग, जनपद नैनीताल के परिसर में संचालित कृषि विज्ञान के नवनिर्मित भवन में 11 सितंबर 2026 को महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक, दूरदर्शी राष्ट्रनेता एवं भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कमरुद्दीन ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर पंत जी के राष्ट्र एवं उत्तराखंड के प्रति अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. कमरुद्दीन ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से लेकर स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने प्रशासनिक दूरदर्शिता के साथ राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन वर्तमान पीढ़ी, विशेषकर युवाओं के लिए कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
प्रो. अंजली पुनेरा ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तराखंड की गौरवशाली राजनीतिक एवं सामाजिक चेतना के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ शिक्षा, सामाजिक सुधार और जनकल्याण को विशेष महत्व दिया। पर्वतीय समाज की समस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता और विकास के प्रति उनकी दूरदर्शी सोच आज भी प्रासंगिक है। विद्यार्थियों को उनके जीवन से संघर्ष, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा लेनी चाहिए। डॉ. उर्वशी रौतेला ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का व्यक्तित्व केवल एक राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, सामाजिक चेतना और जनहित की आवाज के रूप में भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरोध, शिक्षा के विस्तार तथा समाज के कमजोर वर्गों के हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन का वास्तविक उद्देश्य समाज और राष्ट्र की सेवा है।डॉ. भावना कपकोटी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान के नवनिर्मित भवन में पंत जी की जयंती मनाया जाना विशेष रूप से सार्थक है, क्योंकि कृषि शिक्षा, ग्रामीण विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं के सशक्तीकरण के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पंत जी के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र एवं समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भी पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जीवन एवं कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रो. अंजली पुनेरा, डॉ. उर्वशी रौतेला, डॉ. भावना कपकोटी, डॉ. आलोक पाण्डे, डॉ. संत कुमार, डॉ. सुमन पांडेय, डॉ. मनीषा विष्ट, डॉ. नन्दन कार्की, श्री प्रखर विष्ट, श्री भुवन चंद्र भट्ट, श्रीमती कमला भट्ट, श्रीमती भावना दुमका, श्री महेंद्र सिंह नेगी, श्री गोधन सिंह, श्री सुंदर तथा श्री राजा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत के आदर्श राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, शिक्षा, जनकल्याण, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए आज भी मार्गदर्शक हैं। विद्यार्थियों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के राष्ट्र एवं समाज के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए राष्ट्रहित, जनहित एवं उत्तराखंड के सतत विकास में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

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