Screenshot_20260926_231215_WhatsApp

काशीपुर। अधिवक्ता हरीश कुमार सिंह ने उत्तराखंड में बढ़ती बेरोजगारी, उद्योगों के बंद होने और युवाओं के पलायन को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के पीछे प्रमुख उद्देश्यों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और पहाड़ी क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकना भी शामिल था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। हरीश कुमार सिंह ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री रहे स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में काशीपुर, रुद्रपुर, हरिद्वार सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली थी। उस दौर में उत्तराखंड के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के युवा भी रोजगार की तलाश में यहां आते थे। औद्योगिक विकास के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े और प्रदेश को राजस्व भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई उद्योग बंद हो चुके हैं और नए उद्योग स्थापित होने की गति अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है। इसका सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि पहले रोजगार के अभाव में पहाड़ों से युवाओं का पलायन होता था, लेकिन अब मैदानी क्षेत्रों में भी पर्याप्त रोजगार नहीं मिलने के कारण युवा दूसरे राज्यों की ओर जाने को मजबूर हैं। अधिवक्ता हरीश कुमार सिंह ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में उत्तराखंड में युवाओं की संख्या लगातार कम होने और बुजुर्ग आबादी का अनुपात बढ़ने की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के जिन उद्देश्यों और अपेक्षाओं के साथ उत्तराखंड का गठन हुआ था, उन्हें पूरा करने के लिए रोजगार और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिनसे प्रदेश में नए उद्योग स्थापित हों, पुराने उद्योगों को प्रोत्साहन मिले और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हों। हरीश कुमार सिंह ने कहा कि औद्योगिक विकास से केवल रोजगार ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आधारभूत ढांचे और अन्य विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। उन्होंने सरकार से प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करने और पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *