Screenshot_20261001_080520_WhatsAppBusiness

काशीपुर । मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों के भीतर सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता, स्वच्छता, मानवता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से ‘मेरा सेवा संकल्प’ कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल बड़ों का दायित्व नहीं है, बल्कि बच्चे भी अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ आमंत्रित अतिथियों एवं विद्यालय के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अतिथि श्रीमती कल्पना राणा तथा श्री गिरीश तिवारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने अतिथियों का स्वागत किया तथा विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया।
‘मेरा सेवा संकल्प’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सेवा और जिम्मेदारी के महत्व से परिचित कराना था। बच्चों ने इस अवसर पर समाज, परिवार, विद्यालय एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए विभिन्न संकल्प लिए। विद्यार्थियों ने स्वच्छता बनाए रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने, दूसरों के प्रति सहयोग एवं सम्मान का भाव रखने तथा अपने आसपास सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए दो प्रमुख प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें पहली प्रतियोगिता चित्रकला प्रतियोगिता तथा दूसरी निबंध लेखन प्रतियोगिता थी। चित्रकला प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की आयु एवं कक्षा के आधार पर जूनियर वर्ग और सीनियर वर्ग में विभाजित किया गया। दोनों वर्गों में विद्यार्थियों ने सेवा, सहयोग, स्वच्छता, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता
जूनियर वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच का सुंदर परिचय दिया। बच्चों ने रंगों और चित्रों के माध्यम से सेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े संदेशों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
जूनियर वर्ग में कक्षा 3 के अनय चौहान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 8 की भव्या चौहान ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि कक्षा 5 की उर्विका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों में सेवा, स्वच्छता, सहयोग एवं मानवता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इसी प्रकार सीनियर वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कक्षा 6 के गर्व चौहान ने प्रथम स्थान, कक्षा 8 की काव्य चौहान ने द्वितीय स्थान तथा कक्षा 6 की इल्मा अदीब ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से यह दर्शाया कि चित्रकला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक संदेशों को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है।
निबंध लेखन में विद्यार्थियों ने रखे विचार
कार्यक्रम की दूसरी प्रतियोगिता निबंध लेखन प्रतियोगिता थी। इसमें विद्यार्थियों ने ‘सेवा’, ‘जिम्मेदारी’, ‘मानवता’, ‘सहयोग’ एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने लेखों के माध्यम से बताया कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की शुरुआत बचपन से ही होती है।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में कक्षा 8 की आरोही ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 7 की प्राख्या कबडवाल ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि अन्वी चतुर्वेदी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों के निबंधों में सेवा भावना, दूसरों की मदद करने, स्वच्छता रखने, पर्यावरण की रक्षा करने और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने जैसे महत्वपूर्ण विचार देखने को मिले।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बना दिया। बच्चों ने पूरे उत्साह, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि सेवा का अर्थ केवल किसी जरूरतमंद की आर्थिक सहायता करना नहीं है, बल्कि किसी की मदद करना, अपने आसपास स्वच्छता रखना, जरूरतमंद व्यक्ति के प्रति संवेदनशील होना, पेड़-पौधों की देखभाल करना और समाज में प्रेम एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा देना भी सेवा का ही हिस्सा है।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों में छोटी उम्र से ही सेवा और सहयोग की भावना विकसित करना आवश्यक है। आज के बच्चे ही भविष्य में समाज और देश की जिम्मेदारी संभालेंगे। यदि उनमें बचपन से ही संवेदनशीलता, अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी जैसे गुण विकसित किए जाएं तो वे आगे चलकर समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ते हुए अपनी प्रतिभा के साथ सेवा और मानवता की भावना को भी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित होने के बाद विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय की प्रबंधिका श्रीमती शिल्पी गर्ग ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रमाण पत्र प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय प्रबंधिका श्रीमती शिल्पी गर्ग ने विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें अच्छे संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने के साथ-साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का अवसर देती हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा लिया गया सेवा संकल्प उनके व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बच्चों को यदि छोटी उम्र से ही दूसरों की सहायता, सम्मान, सहयोग और संवेदनशीलता का महत्व समझाया जाए तो वे भविष्य में जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बन सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बच्चों ने प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ-साथ सेवा और जिम्मेदारी से जुड़े मूल्यों को आत्मसात करने का प्रयास किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि समाज को बेहतर बनाने के लिए बड़े बदलाव की आवश्यकता हमेशा नहीं होती, बल्कि छोटे-छोटे अच्छे कार्य भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
मास्टर इंटरनेशनल स्कूल द्वारा आयोजित ‘मेरा सेवा संकल्प’ कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और सामाजिक संवेदनशीलता का सुंदर संगम रहा। चित्रकला एवं निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने जहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं सेवा, सहयोग, स्वच्छता और मानवता के महत्व को भी समझा। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *