October 24, 2026
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सर्वसमाज की सहभागिता से होगा आयोजन, सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देगी शोभायात्रा

काशीपुर। भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह समिति की ओर से भगवान वाल्मीकि जी का 51वां प्रकट दिवस एवं वर्षगांठ समारोह भव्य स्तर पर मनाने की तैयारियां की जा रही हैं। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के अध्यक्ष अजय कुमार सौदा (बन्नू) ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष भी भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस को श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। आयोजन में समस्त वाल्मीकि समाज के साथ-साथ सनातन धर्म के विभिन्न वर्गों और सर्वसमाज के लोगों की सहभागिता रहेगी। अध्यक्ष अजय कुमार सौदा ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति और साहित्यिक परंपरा के महान आदिकवि के रूप में पूजनीय हैं। रामायण जैसे महान ग्रंथ के माध्यम से उन्होंने समाज को मर्यादा, सत्य, धर्म, कर्तव्य और आदर्श जीवन के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। भगवान वाल्मीकि जी का प्रकट दिवस केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने और समाज में सद्भाव, समानता तथा भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि इसी श्रद्धाभाव के साथ समिति द्वारा प्रतिवर्ष प्रकट दिवस समारोह का आयोजन किया जाता है। समिति अध्यक्ष ने बताया कि 26 अक्टूबर, सोमवार को शाम छह बजे से वाल्मीकि सभा भवन, काशीपुर में पूजा-अर्चना, सत्संग एवं जागरण का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान वाल्मीकि जी का गुणगान किया जाएगा और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य व्यक्तियों, धार्मिक श्रद्धालुओं और विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से समाज में धर्म, संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। समिति की ओर से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन में सहभागिता करने की अपील की गई है। अजय कुमार सौदा ने बताया कि 30 अक्टूबर, शुक्रवार को दोपहर दो बजे काशीपुर के प्रमुख मार्गों से भगवान वाल्मीकि जी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां, श्रद्धा और उत्साह से जुड़े कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। नगर के मुख्य मार्गों से गुजरने वाली शोभायात्रा के माध्यम से भगवान वाल्मीकि जी की महिमा और उनकी शिक्षाओं का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी और सदस्य आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाना है। समिति अध्यक्ष ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी का प्रकट दिवस समाज को एकता, सद्भाव और समानता का संदेश देता है। इस बार के आयोजन में जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित विभिन्न धर्मों के लोगों से भी कार्यक्रम में सहयोग और सहभागिता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन तभी सार्थक होते हैं, जब वे समाज को जोड़ने का माध्यम बनें। भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं सभी को सदाचार, मानवता और आपसी सम्मान की प्रेरणा देती हैं। समिति का प्रयास है कि 51वां प्रकट दिवस समारोह सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल बने। अजय कुमार सौदा ने मीडिया कर्मियों से भी इस आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने तथा कार्यक्रमों में सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और भगवान वाल्मीकि जी के आदर्शों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने में उसकी अहम भूमिका हो सकती है। भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह समिति, वर्ष 2026 के आयोजन में समस्त वाल्मीकि समाज एवं सनातन धर्म, काशीपुर आयोजक की भूमिका में है। शोभायात्रा एवं प्रकट दिवस समिति के संरक्षक के रूप में राजकुमार मौर्य (बन्नू) समिति में रामकुमार मरदान को कार्यकारी अध्यक्ष, विनोद कुमार (बिट्टू) को कमेटी प्रबंधक, विजय चौधरी को उपाध्यक्ष और विक्की कुमार सौदा को महामंत्री बनाया गया है। इसके अतिरिक्त हरकेश चौधरी को कोषाध्यक्ष, राहुल पारछे को उपकोषाध्यक्ष और रितिक कुमार को उपसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संजीव कुमार, अजीत और अमित सौदा को कानूनी सलाहकार के रूप में भी स्थान दिया गया है। वहीं, वाल्मीकि प्रकट दिवस पूजा-अर्चना कमेटी के सदस्यों में सरपंच श्री डी.पी. रत्नाकर जी और विनोद सूद जी के नाम शामिल हैं। समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं, ताकि दोनों दिन के कार्यक्रम सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें। समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे 26 अक्टूबर को आयोजित पूजा-अर्चना, सत्संग एवं जागरण तथा 30 अक्टूबर को निकलने वाली शोभायात्रा में शामिल होकर भगवान वाल्मीकि जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करें। समिति को उम्मीद है कि सर्वसमाज के सहयोग से भगवान वाल्मीकि जी का 51वां प्रकट दिवस समारोह भव्य रूप से संपन्न होगा और काशीपुर में सामाजिक एकता एवं धार्मिक सद्भाव का संदेश देगा।

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