Screenshot_20260817_152627_WhatsApp

काशीपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चन्द्रावती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर में छात्राओं की रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कला उत्सव शैली एवं नवाचार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चित्रकला विभाग, गृहविज्ञान विभाग एवं बी.एड. विभाग के निर्देशन में महाविद्यालय परिसर में किया गया। प्रदर्शनी में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा और सृजनात्मक सोच का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, कलात्मक अभिरुचि, सांस्कृतिक चेतना, नवाचार की भावना तथा आत्मविश्वास को बढ़ावा देना था। प्रदर्शनी में छात्राओं द्वारा चित्रकला, विभिन्न प्रकार के मॉडल, हस्तकला तथा पारंपरिक कला से संबंधित आकर्षक प्रस्तुतियां प्रदर्शित की गईं। छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और कौशल का परिचय देते हुए विभिन्न कलाकृतियों एवं नवाचारों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में भारतीय कला एवं संस्कृति की विविध झलक देखने को मिली। छात्राओं ने पारंपरिक कला को आधुनिक रचनात्मकता के साथ जोड़ते हुए कई आकर्षक प्रस्तुतियां तैयार कीं। उनके द्वारा तैयार किए गए मॉडल और हस्तनिर्मित वस्तुओं ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, संस्कृति, रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. दीपिका आत्रेय ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनकी रुचि, प्रतिभा और कौशल के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा को सामने लाने के साथ-साथ भारतीय कला, संस्कृति, परंपराओं और नवाचार से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे और अधिक निखारने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की शिक्षिकाओं ने छात्राओं द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों का अवलोकन किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की। छात्राओं में भी प्रदर्शनी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने अपनी कलाकृतियों और मॉडलों के संबंध में उपस्थित शिक्षिकाओं एवं अन्य छात्राओं को जानकारी दी। इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वन्दना सिंह, डॉ. रमा अरोरा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजलि गोस्वामी, डॉ. गीता मेहरा, डॉ. दीपा चनियाल, डॉ. रंजना, डॉ. ज्योति गोयल, श्रीमती प्राची धौलाखण्डी, श्रीमती शीतल अरोरा, डॉ. ज्योति रावत, डॉ. पुष्पा धामा, श्रीमती कृति टण्डन, श्री विजेन्द्र कुमार सहित बी.एड. विभाग के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार ने कार्यक्रम को छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक एवं नवाचार आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि छात्राओं को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!