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काशीपुर। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार पंडित गोविंद बल्लभ पंत इंटर कॉलेज, काशीपुर में छात्र-छात्राओं को बाल अधिकार एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों एवं चाइल्ड हेल्पलाइन से जुड़े अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों, हेल्पलाइन नंबरों तथा सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी दी। जागरूकता अभियान के दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य उमेश सिंह एवं जीतेन्द्र, चिकित्सा विभाग तथा बाल विकास विभाग की ओर से श्रीमती चंचल, चाइल्ड हेल्पलाइन की समन्वयक चांदनी रावत और केस वर्कर गोविन्द सिंह पांगती ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, बाल विवाह, बाल श्रम तथा पॉक्सो एक्ट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की परेशानी, शोषण या असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर विश्वसनीय व्यक्ति अथवा संबंधित हेल्पलाइन से सहायता लेनी चाहिए। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और महिला हेल्पलाइन नंबर 181 शामिल रहे। विद्यार्थियों को समझाया गया कि आवश्यकता पड़ने पर इन हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किस प्रकार सहायता प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें अपने शरीर की सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं और असहज स्थिति में तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को जानकारी देने के महत्व के बारे में समझाया गया। कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे का स्वास्थ्य, शिक्षा, मानसिक स्थिति और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्हें नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नशे की रोकथाम और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के उपायों की जानकारी दी गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त बनाना रहा, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और किसी भी विपरीत परिस्थिति में उचित कदम उठा सकें। जागरूकता अभियान में विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित समस्त स्टाफ ने सहभागिता की। विद्यालय प्रबंधन ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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