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सौंदर्यीकरण पर भी साधा निशाना, बोले- पहले आरओबी की हालत सुधारे प्रशासन

काशीपुर। कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर प्रत्याशी संदीप सहगल एडवोकेट ने रविवार शाम रोडवेज बस स्टैंड के समीप स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निरीक्षण कर उसकी बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरओबी की निर्माण गुणवत्ता, रखरखाव और उस पर भारी वाहनों के आवागमन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद बना यह आरओबी आज खुद बदहाली का शिकार हो गया है। आरओबी पर निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए संदीप सहगल ने कहा कि काशीपुर में लंबे समय के बाद बड़ी मुश्किल से आरओबी स्वीकृत हुआ और काफी प्रयासों के बाद इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था। लोगों को उम्मीद थी कि आरओबी बनने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और रेलवे क्रॉसिंग से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरओबी के निर्माण मानकों पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि काशीपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से चीमा परिवार का राजनीतिक प्रभाव रहा है। उनके अनुसार, इतने लंबे समय में काशीपुर को केवल एक आरओबी मिला और वह भी वर्तमान में कई सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरओबी की स्थिति ऐसी है कि इसकी समय-समय पर मरम्मत करानी पड़ रही है! सहगल ने कहा कि आरओबी पर भारी वाहनों के संचालन को लेकर स्पष्ट स्थिति होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जहां भारी वाहनों के संचालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं डंपर जैसे भारी वाहन भी आरओबी पर दौड़ते नजर आते हैं। इससे पुल की सुरक्षा और उसकी मजबूती को लेकर आम लोगों के मन में चिंता पैदा होना स्वाभाविक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरओबी की तकनीकी जांच कराकर उसकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए। कांग्रेसी नेता ने आरओबी के नीचे नगर निगम द्वारा कराए जा रहे सौंदर्यीकरण के कार्य पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब आरओबी की हालत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और उसकी मरम्मत की आवश्यकता पड़ रही है, ऐसे में उसके नीचे करोड़ों रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कराया जाना प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि आरओबी की संरचनात्मक स्थिति को लेकर कोई समस्या है तो सबसे पहले उसकी मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके बाद ही अन्य कार्यों पर सरकारी धन खर्च किया जाना उचित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरओबी के नीचे सौंदर्यीकरण के नाम पर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। संदीप सहगल ने आरओबी की मरम्मत के लिए प्रशासन द्वारा पांच दिनों तक यातायात बंद किए जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरओबी पर यातायात बंद होने के कारण शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य आवश्यक है, लेकिन प्रशासन को यातायात व्यवस्था के लिए पहले से प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि शहरवासियों को अनावश्यक जाम और परेशानी का सामना न करना पड़े। संदीप सहगल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आरओबी की तकनीकी स्थिति, निर्माण मानकों, भारी वाहनों के आवागमन और उसके नीचे कराए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी धन जनता का धन है और इसका इस्तेमाल जनहित में तथा प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। यदि किसी निर्माण की गुणवत्ता या सुरक्षा को लेकर सवाल हैं तो पहले उनकी जांच और समाधान किया जाना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि काशीपुर के आरओबी की स्थिति की उच्चस्तरीय जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो!

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