November 2, 2026
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काशीपुर। ऊर्जा निगम के काशीपुर खंड में नवनियुक्त अधिशासी अभियंता (ईई) बेगराज सिंह ने कार्यभार संभालने के साथ ही बिजली व्यवस्था में सुधार और विभागीय राजस्व बढ़ाने को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने साफ कहा है कि शहर में विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। इसके लिए ऊर्जा निगम की ओर से योजनाबद्ध तरीके से विशेष अभियान चलाया जाएगा। बिजली चोरी रोकने के साथ-साथ लाइन लॉस कम करना, राजस्व वसूली में सुधार लाना और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना भी उनकी कार्ययोजना में शामिल रहेगा। मीडिया से बातचीत करते हुए अधिशासी अभियंता बेगराज सिंह ने बताया कि बिजली चोरी पर नियंत्रण पाने के लिए विभाग तकनीकी उपायों पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसके तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पुराने खुले बिजली तारों को हटाकर उनकी जगह कवर्ड केबल (एबी केबल) लगाई जा रही हैं। खुले तारों के माध्यम से अक्सर कटिया डालकर बिजली चोरी किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। कवर्ड केबल लगाए जाने से इस तरह की चोरी पर काफी हद तक प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। साथ ही विद्युत लाइनों की सुरक्षा और व्यवस्था में भी सुधार होगा। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी की संभावना अधिक रहती है, उन्हें चोरी संभावित क्षेत्र (चोरी प्रोन एरिया) के रूप में चिह्नित कर विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर भी जोर दिया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली खपत और मीटर से संबंधित गतिविधियों की बेहतर निगरानी संभव होगी। इससे मीटर के साथ छेड़छाड़ तथा अनियमित विद्युत उपयोग जैसी गतिविधियों का पता लगाने में विभाग को मदद मिलेगी। ईई बेगराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए विभागीय टीमें समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाएंगी। जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते या विद्युत कनेक्शन में अनियमितता करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी के मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करें। बिजली चोरी से न केवल ऊर्जा निगम को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इसका सीधा असर ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं और विद्युत व्यवस्था पर भी पड़ता है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि काशीपुर खंड में विद्युत लाइन लॉस (बिजली छीजत) को कम करना और बिलिंग प्रतिशत में सुधार लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन और आपूर्ति के बाद जितनी ऊर्जा उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाती है, उसके अनुरूप राजस्व प्राप्त होना भी जरूरी है। यदि विद्युत चोरी और अन्य कारणों से ऊर्जा का नुकसान होता है तो इसका सीधा प्रभाव विभाग की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास रहेगा कि विद्युत लाइनों में होने वाली छीजत को नियंत्रित किया जाए और जितनी बिजली की आपूर्ति की जा रही है, उसके अनुरूप अधिक से अधिक उपभोक्ताओं की सही बिलिंग सुनिश्चित हो। इसके लिए तकनीकी सुधारों के साथ-साथ नियमित निरीक्षण, विद्युत कनेक्शनों की जांच और राजस्व वसूली की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। बेगराज सिंह ने कहा कि काशीपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा। बिजली चोरी पर नियंत्रण, कवर्ड केबल का विस्तार, स्मार्ट मीटर के माध्यम से निगरानी और लाइन लॉस में कमी जैसे कदमों से विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि काशीपुर खंड में ऊर्जा निगम के राजस्व में वृद्धि के साथ ही विद्युत व्यवस्था में सुधार का एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके। इसके लिए सभी संबंधित विभागीय कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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