February 15, 2026
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काशीपुर । विगत दिवस बाजपुर रोड स्थित सत्येंद्र चन्द्र गुड़िया लॉ कॉलेज,काशीपुर में कैरियर ऑपर्च्युनिटी फॉर लॉ फाइनल ईयर स्टूडेंट्स इनकॉरपोरेट एकेडमिक्स एंड रिसर्च विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें 3 प्रमुख वक्ताओं प्रियांश सिंह राजपूत, रिया कैंटूरा एवं हर्ष चंदन को आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थान के संस्थापक स्वर्गीय सत्येंद्र चन्द्र गुड़िया एवं मां सरस्वती को चित्र के सम्मुख पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ पश्चात किया गया। डॉ आकाश टंडन ने प्रियांश सिंह राजपूत को पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर आर डी शर्मा ने हर्ष चंदन को पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया और असिस्टेंट प्रोफेसर आकांक्षा शर्मा ने रिया कैंटूरा पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया। डॉ नीरज आत्रेय वरिष्ठ प्रिंसिपल साइंटिस्ट आईआईपी देहरादून (सदस्य एकेडमिक काउंसिल सत्येंद्र चन्द्र गुड़िया मैनेजमेंट एंड लॉ कॉलेज) ने तीनों वक्ताओं का स्वागत करते हुए वर्तमान समय में विद्या और अर्थ की पारस्परिक महत्व के बारे में छात्रों को समझाया कि कैसे विद्या के माध्यम से अर्थोपार्जन किया जा सकता है।
सेमिनार में एलएलबी पूरा करने के बाद विभिन्न करियर पथों और विकल्पों पर चर्चा की गई और पेशेवर माहौल में इसे नेविगेट करने के तरीकों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कई स्नातकोत्तर परीक्षाओं के साथ-साथ क्लैट(CLAT)-पीजी से लेकर यूजीसी-नेट तक सरकारी पदों और राज्य और केंद्रीय स्तर पर बैंकिंग और साइबर सुरक्षा पदों की बारीकियों पर गहराई से चर्चा की।
प्रियांश सिंह राजपूत ने प्रतिभागियों को कानून में करियर से परिचित कराया और इसे प्राप्त करने के लिए एक व्यवस्थित और उचित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बात की। विद्वान वक्ता ने मात्रा से अधिक गुणवत्ता के विचार को आगे बढ़ाया और विषय की उचित समझ की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वक्ता ने उल्लेख किया कि जबकि कानून में डिग्री अन्य चीजों के लिए एक कदम है, यह सफलता की नींव के रूप में कार्य करती है और इसे उचित शोध और हमारे चिंतन के प्रतिमानों को व्यापक बनाने के माध्यम से मजबूत बनाया जाना चाहिए।
रिया कैंटूरा ने यूजीसी-नेट जैसी विभिन्न उच्च-स्तरीय परीक्षाओं की संरचना और प्रारूप पर चर्चा की और उसे पास करने के लिए रणनीति बनाने में मदद की। वक्ता ने प्रतिभागियों को इन परीक्षाओं के उद्देश्य और कार्य को समझने में मदद की और मानसिक क्षमताओं को अधिकतम करने के लिए उन्हें कैसे संरचित किया गया है। रिया कैंटूरा ने प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि इन परीक्षाओं का प्रयास करते समय क्या रणनीतियाँ अपनानी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने उचित समय प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया, साथ ही यह भी बताया कि क्या अध्ययन करना है और किस क्षेत्र पर कितना ध्यान केंद्रित करना है।
हर्ष चंदन ने विशेष रूप से बैंकिंग क्षेत्र में कानून की भूमिका पर चर्चा की और एक बिल्कुल नए परिप्रेक्ष्य के द्वार खोले, जिसमें उम्मीदवार अपने करियर की प्रगति को सुविधाजनक बनाने के लिए कानून के अपने ज्ञान और समझ का लाभ उठा सकते हैं। वक्ता ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया और प्रतिभागियों को सीएलएटी-पीजी के माध्यम से प्रतिष्ठित संस्थानों से कानून में स्नातकोत्तर करने और जेआरएफ के साथ पीएचडी के लिए दरवाजे खोलने के लिए प्रेरित किया।
कुल मिलाकर, सत्र सफल रहा और प्रतिभागियों को कानून और विभिन्न शाखाओं से करियर की प्रगति के बारे में जानकारी मिली, जिसे प्रतिभागी खोज सकते थे और अपना करियर बना सकते थे।
डॉ नीरज आत्रेय ने वक्ताओं का धन्यवाद करते हुए प्रतिभागियों को यह बताया कि संस्था के द्वारा अध्ययन में रुचि रखने वाले छात्रों को क्लैट, नेट, जेआरएफ आदि की तैयारी देहरादून के प्रतिष्ठित वक्ताओं के माध्यम से कराई जाएगी जिससे काशीपुर परिक्षेत्र के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर के संस्थाओं में अध्ययन कर सकेंगे और कॉलेज तथा इस क्षेत्र की पहचान को बुलंदियों तक लेकर जाएंगे।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ नीरज आत्रेय ने प्रियांश सिंह राजपूत को संस्थान की और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया वहीं पवन कुमार बक्शी निदेशक (प्रशासन) ने हर्ष चंदन को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा डॉ दीप्ति भटनागर ने रिया कैंटूरा को भेंट पस्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू उप्पल के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर आशुतोष कुमार, भुवन चंद्र केडियाल, पार्थ चतुर्वेदी, आकांक्षा बाठला आदि भी उपस्थित रहे।
डॉक्टर सुधीर कुमार दुबे
रजिस्ट्रार (विधि)

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