February 15, 2026
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उत्तराखण्ड प्रदेश में इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में कार्यरत काशी विश्वनाथ स्टील्स प्रा० लिमिटेड पिछले 40 वर्षों से देश एवं प्रदेश के चहुमुखी विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। काशी विश्वनाथ स्टील्स प्रा० लिमिटेड द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित कार्बन उत्सर्जन के मानकों के निर्धारण हेतु राष्ट्रीय द्वितीयक इस्पात प्रोद्योगिकी संस्थान (एनआईएसएसटी) को नामित नोडल एजेन्सी द्वारा इकाई का ऑडिट करने हेतु नियुक्त किया गया तथा ऑडिट की रिर्पोट के आधार पर काशी विश्वनाथ, स्टील्स प्रा० लिमिटेड को ग्रीन स्टील प्रमाणन के लिए चुना गया। दिनांक 14.11.2025 को होटल संगरीला, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान काशी विश्वनाथ स्टील्स प्रा० लिमिटेड को श्री संदीप पुंडरीक, सचिव (इस्पात) एवं श्री वी.के. त्रिपाठी, संयुक्त सचिव, इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार एवं श्री परमजीत सिंह, डायरेक्टर, एनआईएसएसटी द्वारा ग्रीन स्टील सर्टीफिकेट प्रदान किया गया। काशी विश्वनाथ स्टील्स प्रा० लिमिटेड ग्रीन स्टील प्रमाण पत्र पाने वाली उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड प्रदेश की प्रथम इकाई है।

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन-2021, जो कि COP26 के नाम से जाना जाता है। 13 नबम्बर 2021 को ग्लासगो स्कॉटलैण्ड (यूनाइटेड किंगडम) में 26वाँ जलवायु सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें 197 देशों ने भाग लिया। सम्मेलन में दौरान प्रत्येक देश ने CO₂ उर्त्सजन को कम करने की प्रतिबद्धता जताई। भारत विश्व में CO₂ उर्त्सजन का विश्व में तीसरा सबसे बडा उत्सर्जक देश माना जाता है। भारत सरकार ने 2030 तक अपनी ऊर्जा का 50 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतो से प्राप्त करने एवं 2070 तक CO₂ उर्सजन की मात्रा शून्य करने का लक्ष्य रखा है।

भारत में लौहा एवं इस्पात के हरित परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार ने 23.12.2024 पर हरित इस्पात का वर्गीकरण जारी किया है। हरित इस्पात वर्गीकरण इस्पात उत्पादन में हरित प्रोद्योगिकियों को अपनाने को बढावा देने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा को परिभाषित करके भारत के इस्पात उधोग को अधिक टिकाऊ, कम कार्बन उर्त्सजन वाले क्षेत्र में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। और इस प्रकार वैश्विक औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन परिदृश्य में भारत की भूमिका बढेगी।

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