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जसपुर। श्री साईं शिक्षण संस्थान में शनिवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई, जिसका उद्देश्य लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ, संतुलित एवं दीर्घायु जीवन के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ योगाभ्यास के साथ हुआ। इस दौरान योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को योग के महत्व, उसके वैज्ञानिक लाभों तथा दैनिक जीवन में योग को अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से बचाव के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है। संस्थान के चेयरमैन राजकुमार सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और विरासत का अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित योग करने से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है तथा शरीर के प्रत्येक अंग को स्वस्थ बनाए रखने में सहायता मिलती है। योग मन, मस्तिष्क और भावनाओं के संतुलन के साथ व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। वर्ष 2015 में पहली बार विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया और तब से यह दिवस वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य एवं कल्याण का संदेश दे रहा है। कार्यक्रम में डायरेक्टर डॉ. अवनीश कुमार, प्राचार्य डॉ. देविका रावत, नर्सिंग प्राचार्य परविंदर शर्मा, शैलजा, नीमा बिष्ट, शिवम, नवरीत, नरेंद्र रावत, नौशाद, सना, फोजिया, पूनम, शाहनवाज, नदीम अकरम सहित संस्थान के अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया। संस्थान प्रशासन ने कहा कि योग केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने की निरंतर प्रक्रिया है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

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