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काशीपुर। मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला का आयोजन हर्षोल्लास एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ किया गया। कार्यक्रम में आरोहण सामाजिक संस्थान की अध्यक्षा श्रीमती नीतू पोखरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय परिवार ने उनका स्मृति-चिह्न रूप में पौधा भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात कक्षा 6 की छात्रा तनिष्का रावत,आदित्य कृष्ण वर्मा,प्रज्ञा पटवाल , अनन्या घनसेला ने हरेला पर्व के महत्व पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं एवं पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि श्रीमती नीतू पोखरिया ने अपने संबोधन में हरेला पर्व के सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। वही स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ गौरव गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि सभी विद्यार्थियों को अपने से बड़ों का सम्मान करना है, और दूसरों की सफलता का उत्सव मनाना है कभी दूसरों की सफलता पर ईर्ष्या नहीं करनी है। हमेशा एक दूसरे से जुड़े रहना है।
उन्होंने आगे कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी लोक संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय परिसर में मुख्य अतिथि, विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। सभी ने पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यालय की प्रबंधिका शिल्पी गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि हरेला पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना विद्यालय का प्रमुख उद्देश्य है।विद्यालय की प्रबंधिका ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए हरेला पर्व के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।

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