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काशीपुर। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मेयर प्रत्याशी संदीप सहगल ने काशीपुर के ऐतिहासिक एवं प्रमुख पर्यटन स्थल गिरीताल और द्रोणासागर की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र से लेकर प्रदेश तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। प्रदेश के मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और काशीपुर के मेयर भी भाजपा से हैं। इसके बावजूद शहर के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। संदीप सहगल ने कहा कि काशीपुर नगर निगम चुनाव के दौरान मेयर दीपक बाली ने अपने घोषणा पत्र में गिरीताल और द्रोणासागर के सौंदर्यीकरण, नवीनीकरण तथा सफाई अभियान को प्रमुखता से शामिल किया था। जनता से इन स्थलों को बेहतर बनाने और पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के वादे किए गए थे। लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद भी गिरीताल और द्रोणासागर की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मेयर चुनाव के बाद स्वयं मेयर दीपक बाली पूरे तंत्र के साथ गिरीताल पहुंचे थे। उनके साथ एमएनए, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। पीडब्ल्यूडी तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी स्थल का निरीक्षण किया। इन तमाम गतिविधियों को देखकर उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब गिरीताल के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। सहगल ने कहा कि उन्हें चुनाव में हार का सामना करने के बावजूद यह उम्मीद थी कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर शहर के हित में काम होगा और गिरीताल को उसका पुराना स्वरूप वापस दिलाने की दिशा में तेजी से कार्रवाई होगी। लेकिन लंबे समय बाद भी स्थिति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरीताल के नाम पर निरीक्षण और घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन धरातल पर अपेक्षित काम नजर नहीं आता। उन्होंने इसे ‘ढाक के तीन पात’ बताते हुए कहा कि केवल अधिकारियों के दौरे और बैठकों से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जनता को अब घोषणाओं के बजाय जमीन पर काम चाहिए। संदीप सहगल ने कहा कि गिरीताल केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि काशीपुर के नागरिकों की भावनाओं से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल है। यह शहर की पहचान और संभावित पर्यटन केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यदि इसका व्यवस्थित सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई, जल संरक्षण और आसपास के क्षेत्र का विकास किया जाए तो यह स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि गिरीताल की वर्तमान स्थिति काशीपुर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। शहर में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद उनका सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है। द्रोणासागर की स्थिति को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि दोनों ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए एक समग्र योजना बनाकर उसे समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। सहगल ने कहा कि जनता बार-बार जनप्रतिनिधियों को इस उम्मीद के साथ चुनती है कि शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान होगा और विकास कार्य धरातल पर दिखाई देंगे। उन्होंने भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की कि गिरीताल और द्रोणासागर के सौंदर्यीकरण को केवल घोषणा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना, बजट और समयसीमा तय कर वास्तविक काम शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि काशीपुर की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि गिरीताल की बदहाली दूर होती हुई देखना चाहती है।

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