October 31, 2026
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सांसद अजय भट्ट ने किया शोभायात्रा का शुभारंभ, राधा-कृष्ण, माता काली सहित देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र; भगवान वाल्मीकि जी के डोले के साथ उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

काशीपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर काशीपुर में वाल्मीकि समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में धार्मिक आस्था, उत्साह और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। आकर्षक विद्युत सज्जा से सजी झांकियां, देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूप और धार्मिक धुनों से गूंजता वातावरण शोभायात्रा की भव्यता को चार चांद लगा रहा था। शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद अजय भट्ट ने किया। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शोभायात्रा में राधा-कृष्ण, माता काली सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। दूर-दराज से पहुंची झांकियों को देखने के लिए शहरवासियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। भगवान वाल्मीकि जी के डोले के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के लोगों ने भागीदारी की। पूरे नगर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना रहा। इस वर्ष शोभायात्रा की विशेषता इसकी 51वीं वर्षगांठ रही। आयोजन को लेकर वाल्मीकि समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा के अध्यक्ष अजय सौदा ‘बन्नू’ ने बताया कि काशीपुर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा निकालने की परंपरा को 51 वर्ष पूरे हो गए हैं। समाज इस अवसर को 51वीं वर्षगांठ के रूप में बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मना रहा है। भगवान वाल्मीकि जी के 51वें प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में इस बार आयोजन को विशेष रूप से भव्य स्वरूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा में देश के तीसरे नंबर के प्रसिद्ध बालाजी बैंड को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। यह बैंड पहली बार उत्तराखंड में अपनी प्रस्तुति दे रहा है। बैंड की आकर्षक प्रस्तुति और धार्मिक धुनों ने शोभायात्रा में शामिल लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बालाजी बैंड के साथ भगवान वाल्मीकि जी का भव्य डोला भी शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण बना रहा। कार्यक्रम में काशीपुर के अनेक गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वाल्मीकि समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, उनके आदर्शों और उनकी शिक्षाओं को याद किया गया। महर्षि वाल्मीकि जी ने अपने विचारों और रचनाओं के माध्यम से समाज को सत्य, सदाचार, समानता और मानवता का संदेश दिया। शोभायात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान की, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।

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