October 6, 2026
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*उधम सिंह नगर जिले का प्रथम तथा कुमाऊँ क्षेत्र का प्रथम डे-स्कूल बना गुरुकुल, विद्यार्थियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त युवा विकास कार्यक्रम का अवस

काशीपुर! द गुरुकुल फाउंडेशन स्कूल, काशीपुर ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी एवं जीवन-कौशल को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय युवा पुरस्कार (आई.ए.वाई.पी.) कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. कुशल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। काशीपुर से स्वर्ण स्तर का आई.ए.वाई.पी. पुरस्कार प्राप्त कर चुके डॉ. अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए तथा बताया कि इस कार्यक्रम ने उनके व्यक्तित्व-विकास में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आई.ए.वाई.पी. को केवल एक उपलब्धि के रूप में न देखकर इसे स्वयं को चुनौती देने, समाज के लिए योगदान करने और जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त करने के अवसर के रूप में अपनाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय युवा पुरस्कार, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एडिनबर्ग के ड्यूक का अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के नाम से जाना जाता है, वर्ष 1956 में स्थापित हुआ था और 1962 में भारत में इसकी शुरुआत हुई। वर्तमान में यह कार्यक्रम 130 से अधिक देशों एवं क्षेत्रों में संचालित हो रहा है और विश्व के प्रमुख युवा उपलब्धि कार्यक्रमों में शामिल है आई.ए.वाई.पी. का उद्देश्य युवाओं में केवल शैक्षणिक उपलब्धि ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, दृढ़ता, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक चेतना जैसे गुणों का विकास करना है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से सक्षम एवं जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार करता है, जो जीवन की विभिन्न चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। आई.ए.वाई.पी. की विशेषता इसकी समग्र विकास पद्धति है। इसके अंतर्गत विद्यार्थी स्वैच्छिक सेवा एवं समुदाय के प्रति योगदान, शारीरिक गतिविधियों, नई दक्षताओं के विकास तथा साहसिक यात्रा जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को निरंतर विकसित करते हैं। साहसिक यात्रा विद्यार्थियों में सामूहिक कार्य, धैर्य, सहनशीलता, नेतृत्व, समस्या-समाधान तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करती है। वहीं स्वर्ण स्तर की आवासीय परियोजना विद्यार्थियों को परिचित परिवेश से बाहर निकलकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने, नए लोगों से जुड़ने, सामाजिक कौशल विकसित करने तथा समुदाय के साथ सार्थक सहभागिता का अनुभव प्रदान करती है। आई.ए.वाई.पी. के माध्यम से विकसित होने वाले व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास, सकारात्मक व्यवहार एवं दृष्टिकोण विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और भविष्य के व्यावसायिक जीवन में भी उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। यह अनुभव विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय प्रवेश, जीवन-वृत्त तथा रोजगार-योग्यता को भी सशक्त बनाने में सहायक हो सकता है। इस अवसर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि द गुरुकुल फाउंडेशन स्कूल, काशीपुर, उधम सिंह नगर जिले का प्रथम तथा कुमाऊँ क्षेत्र का प्रथम डे-स्कूल है, जो पंजीकृत आई.ए.वाई.पी. पुरस्कार केंद्र बना है। विद्यालय में इस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कार्यक्रम की शुरुआत के साथ गुरुकुल अपने विद्यार्थियों को प्रारंभिक अवस्था से ही वैश्विक अवसरों, सामाजिक सेवा, व्यक्तिगत चुनौती, नेतृत्व, सहयोग तथा निरंतर सीखने से जोड़ रहा है। यह पहल द गुरुकुल फाउंडेशन स्कूल, काशीपुर की उस शैक्षिक दृष्टि को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसमें शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित न होकर विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. कुशल अग्रवाल को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके प्रेरक अनुभवों ने विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का संचार किया तथा उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और नए अवसरों का साहसपूर्वक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अध्यक्षा श्रीमती चंपा कपूर, अध्यक्ष डॉ. नीरज कपूर, निदेशिका डॉ. वसुधा कपूर, संयुक्त प्रबंध निदेशिका सुश्री कामाक्षी कपूर, प्रधानाचार्या श्रीमती मीनल बधवार, उप प्रधानाचार्या श्रीमती शुभांगी शर्मा, गतिविधि संयोजिका श्रीमती रिशु गुसाईं सहित विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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