October 12, 2026
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काशीपुर। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेकोलॉजी (SIMT), काशीपुर में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IM) काशीपुर के सहयोग से स्रातक विद्यार्थियों के लिए ‘डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रखनात्मक सोच, नवाचार, तार्किक दृष्टिकोण तथा समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना और उन्हें वर्तमान व्यावसायिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं से परिचित कराना था।

कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर के प्रो. थसानी, फैकल्टी, आईआईएम काशीपुर ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने डिजाइन थिंकिंग की अवधारणा, नवाचार के महत्व तथा व्यावहारिक समस्याओं के स्वनात्मक समाधान खोजने के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला तथा श्री संजय कुमार सिंह, सह-समन्वयक, डिजाइन इनोवेशन सेंटर, आईआईएम काशीपुर ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि नए विचारों को विकसित करने, परिस्थितियों का विश्लेषण करने और समस्याओं के प्रभावी समाधान खोजने की क्षमता भी आवश्यक है। इस कार्यशाला के पश्चात कर्नल अजय कुमार उपाध्याय जी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की अनुमति से आईआईएम संस्थान का भ्रमण करने का अवसर प्राप्त हुआ। संस्थान की ओर से इस शैक्षणिक पहल में सहभागिता का अवसर प्रदान करने हेतु उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया।

इस विशेष व्याख्यान में श्रीराम संस्थान के बीबीए तथा बीसीए तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि डिजाइन थिंकिंग किस प्रकार प्रबंधन, व्यवसाय और कंप्यूटर अनुप्रयोगों के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होती है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को टीमवर्क, तार्किक सोच, संवाद कौशल तथा निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने और बदलती तकनीकी एवं व्यावसायिक परिस्थितियों के अनुरुप स्वयं को तैयार करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर संस्थान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुलनाज सिद्दीकी, असिस्टेंट प्रोफेसर सुश्री अंजलि नायर तथा असिस्टेंट प्रोफेसर श्री अंशुल नाथ भी उपस्थित रहे। संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को इस प्रकार के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
संस्थान के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार ने इस प्रकार की शैक्षणिक पहलों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक सोच और नवाचार को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास से सशक्त बनाना भी है। प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को नई जानकारियां प्राप्त होती हैं और वे अपने भविष्य के लिए बेहतर दृष्टिकोण विकसित कर सकते हैं।

संस्थान के निदेशक डॉ. (प्रो.) योगराज सिंह ने कहा कि आज के बदलते शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिवेश में डिजाइन थिंकिंग और नवाचार का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। संस्थान का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, रचनात्मक विचारों और उद्योग जगत की आवश्यकताओं से संबंधित ज्ञान भी प्राप्त हो, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नवाचार की संभावनाओं को पहचानने, समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने तथा अपने शैक्षणिक ज्ञान का प्रभावी उपयोग करने की प्रेरणा मिली। श्रीराम संस्थान द्वारा इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यानों और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल संवर्धन तथा बेहतर करियर निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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